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नागपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हमारे देश की भाषा, संस्कृति और समाज में विविधताएं हैं. इसलिए शिक्षा की दिशा एकसमान हो कर भी पद्धतियों में भिन्नता हो सकती है. ऐसे में केंद्र से शिक्षा नीति बनना व्यवहार सम्मत नहीं होगा, इसलिए […]

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भोपाल (विसंकें). प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखंड गंगा प्रवाह का आधुनिक रूप है. संघ को लेकर कई परिभाषाएं प्रचलित हैं. यह भारत का मूल स्वरूप है जो संघ के रूप में हमारे सामने है. संघ को उसके स्वयंसेवक को […]